उत्तराखंड बोर्ड रिजल्ट 2026: बागेश्वर बना टॉप जिला, 10वीं-12वीं में शानदार प्रदर्शन
उत्तराखंड बोर्ड रिजल्ट 2026: बागेश्वर बना टॉप जिला, 10वीं-12वीं में रिकॉर्ड प्रदर्शन
बागेश्वर: उत्तराखंड बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन ने शनिवार को 10वीं और 12वीं कक्षाओं के परीक्षा परिणाम घोषित कर दिए। रामनगर स्थित बोर्ड कार्यालय से सुबह 10 बजे रिजल्ट जारी होते ही राज्यभर के करीब दो लाख से अधिक छात्रों का इंतजार खत्म हो गया।
रिजल्ट घोषित होते ही छात्रों और अभिभावकों में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। इस वर्ष का परिणाम कई मायनों में खास रहा, जिसमें सबसे बड़ी उपलब्धि बागेश्वर जिले का शानदार प्रदर्शन रहा।
बागेश्वर जिला बना टॉप परफॉर्मर
इस वर्ष बागेश्वर जिले ने 10वीं और 12वीं दोनों परीक्षाओं में पहला स्थान हासिल कर नया रिकॉर्ड बनाया। इंटरमीडिएट (12वीं) में जिले का कुल परिणाम 94.81 प्रतिशत रहा, जबकि हाईस्कूल (10वीं) में 96.98 प्रतिशत के साथ यह पूरे राज्य में अव्वल रहा।
जिले की इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि यहां की शिक्षा व्यवस्था लगातार मजबूत हो रही है और छात्र बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
इंटरमीडिएट (12वीं) टॉपर्स लिस्ट
12वीं कक्षा के परिणाम में छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया।
- प्रथम स्थान (98.0%)
गीतिका पंत – सरस्वती शिशु मंदिर इंटर कॉलेज, बागेश्वर
सुशीला मेंहदीरत्ता – ऊधमसिंह नगर - द्वितीय स्थान (97.80%)
आर्यन – ऋषिकेश - तृतीय स्थान (97.00%)
वंशिका – हरिद्वार
हाईस्कूल (10वीं) टॉपर्स लिस्ट
10वीं कक्षा में भी छात्रों ने बेहतरीन प्रदर्शन किया।
- प्रथम स्थान (98.20%)
अक्षत गोपाल – रामनगर - द्वितीय स्थान (98%)
इशांत कोठारी – उत्तरकाशी
भूमिका – नैनीताल - तृतीय स्थान (97.80%)
योगेश जोशी – बागेश्वर
बालिकाओं का शानदार प्रदर्शन
इस वर्ष भी बेटियों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। हाईस्कूल में भूमिका ने 98 प्रतिशत अंक हासिल कर बालिकाओं में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। यह दर्शाता है कि उत्तराखंड में बेटियां शिक्षा के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रही हैं और नई ऊंचाइयों को छू रही हैं।
रिजल्ट की प्रमुख खासियतें
उत्तराखंड बोर्ड के इस साल के परिणाम में कई महत्वपूर्ण बातें सामने आई हैं। बड़ी संख्या में छात्रों ने 95 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त किए, जो शिक्षा के स्तर में सुधार का संकेत है। ग्रामीण क्षेत्रों के छात्रों का प्रदर्शन भी खास रहा। उन्होंने यह साबित किया कि सीमित संसाधनों के बावजूद मेहनत और सही मार्गदर्शन से सफलता हासिल की जा सकती है।
शिक्षा के स्तर में सुधार के संकेत
इस साल का रिजल्ट यह दिखाता है कि राज्य में शिक्षा व्यवस्था लगातार बेहतर हो रही है। शिक्षकों का मार्गदर्शन, छात्रों की मेहनत और अभिभावकों का सहयोग मिलकर सकारात्मक परिणाम दे रहे हैं।
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