श्रीनगर गढ़वाल में दर्दनाक हादसा: NIT उत्तराखंड का छात्र अलकनंदा नदी में बहा, सर्च ऑपरेशन जारी
श्रीनगर गढ़वाल में दर्दनाक हादसा: अलकनंदा नदी में बहा NIT उत्तराखंड का छात्र, तलाश जारी
उत्तराखंड के श्रीनगर गढ़वाल से एक बेहद दर्दनाक और चिंताजनक घटना सामने आई है, जहां राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान उत्तराखंड का एक छात्र अलकनंदा नदी में नहाते समय तेज बहाव की चपेट में आकर लापता हो गया। यह हादसा रविवार शाम का बताया जा रहा है। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया और प्रशासन ने तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया।
कैसे हुआ हादसा?
मिली जानकारी के अनुसार, आनंद सोहन (23 वर्ष), जो कि तेलंगाना के हैदराबाद का रहने वाला था, NIT उत्तराखंड में बीटेक कंप्यूटर साइंस तृतीय वर्ष का छात्र था। रविवार को वह अपने चार दोस्तों के साथ अलकनंदा नदी के किनारे घूमने गया था।
बताया जा रहा है कि शाम करीब 4 बजे सभी दोस्त नदी में नहाने के लिए उतर गए। शुरुआत में सब सामान्य था, लेकिन अचानक नदी का जलस्तर बढ़ गया और पानी का बहाव तेज हो गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आनंद नदी के बीच की ओर चला गया, जहां पानी का दबाव ज्यादा था। तेज बहाव के कारण वह संतुलन खो बैठा और कुछ ही क्षणों में नदी की धारा में बह गया। उसके दोस्तों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन बहाव इतना तेज था कि वह देखते ही देखते गहरे पानी में समा गया।
मौके पर मची अफरा-तफरी
घटना के तुरंत बाद वहां मौजूद लोगों ने शोर मचाया और स्थानीय लोगों को बुलाया गया। लेकिन जब तक मदद पहुंचती, तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन सक्रिय हुआ। पुलिस, जल पुलिस और State Disaster Response Force (SDRF) की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया।
टीमों ने देर शाम तक नदी किनारे और आसपास के क्षेत्रों में तलाश की, लेकिन छात्र का कोई सुराग नहीं मिल पाया। अंधेरा होने के कारण ऑपरेशन को रोकना पड़ा, जिसे अगले दिन सुबह फिर से तेज किया गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन में आ रही कठिनाइयां
प्रभारी निरीक्षक कुलदीप सिंह के अनुसार, अलकनंदा नदी का बहाव इस समय अत्यधिक तेज है, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी मुश्किलें आ रही हैं।
नदी का पानी बेहद ठंडा और गहरा है, साथ ही तेज धार के कारण गोताखोरों को भी जोखिम उठाना पड़ रहा है। प्रशासन ने बताया कि सर्च ऑपरेशन को नदी के निचले इलाकों तक बढ़ाया जाएगा, ताकि किसी भी संभावित स्थान पर तलाश की जा सके।
परिवार और कॉलेज में शोक का माहौल
जैसे ही घटना की सूचना आनंद के परिजनों को दी गई, परिवार में शोक की लहर दौड़ गई। वहीं, NIT उत्तराखंड परिसर में भी इस घटना से गहरा दुख व्याप्त है।
छात्र-छात्राओं के बीच डर और चिंता का माहौल है। सभी इस उम्मीद में हैं कि जल्द से जल्द आनंद का पता चल सके।
पहाड़ी नदियां क्यों होती हैं खतरनाक?
उत्तराखंड की नदियां, खासकर अलकनंदा, भागीरथी और मंदाकिनी जैसी नदियां, बेहद खतरनाक मानी जाती हैं।
इनकी खासियत यह है कि:
जलस्तर अचानक बढ़ सकता है
बहाव बहुत तेज और अनियंत्रित होता है
नदी की गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है
पानी अत्यधिक ठंडा होता है, जिससे शरीर जल्दी प्रतिक्रिया देना बंद कर देता है
अक्सर लोग इन नदियों को सामान्य मानकर नहाने उतर जाते हैं, लेकिन थोड़ी सी लापरवाही भी जानलेवा साबित हो सकती है।
प्रशासन की अपील
प्रशासन ने इस घटना के बाद आम नागरिकों, खासकर युवाओं और पर्यटकों से अपील की है कि वे नदी-नालों में नहाते समय विशेष सावधानी बरतें।
तेज बहाव वाले क्षेत्रों से दूर रहें
जहां चेतावनी बोर्ड लगे हों, वहां बिल्कुल न जाएं
स्थानीय लोगों की सलाह को नजरअंदाज न करें
अकेले या गहराई वाले स्थानों पर न उतरें
हर साल दोहराई जाती हैं ऐसी घटनाएं
उत्तराखंड में हर साल गर्मियों के मौसम में इस तरह के कई हादसे सामने आते हैं। खासकर पर्यटक और युवा, रोमांच के चक्कर में नदी में उतर जाते हैं और हादसे का शिकार हो जाते हैं।
यह घटना भी एक बार फिर याद दिलाती है कि प्रकृति के साथ लापरवाही करना कितना खतरनाक हो सकता है।
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