यूट्यूबर अनुराग डोभाल (UK07 Rider) की गिरफ्तारी का पूरा सच: जानें 72 घंटे के भीतर पुलिस की 'डबल एक्शन' की इनसाइड स्टोरी
मशहूर मोटोब्लॉगर, यूट्यूबर और बिग बॉस 17 फेम अनुराग डोभाल (Anurag Dobhal The UK07 Rider) को देहरादून पुलिस ने अपहरण और जानलेवा हमले के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले को लेकर सोशल मीडिया और मीडिया जगत में इस बात को लेकर भारी भ्रम बना हुआ था कि अनुराग को पुलिस ने दो बार क्यों पकड़ा?
वास्तव में, यह कोई नया मामला नहीं है बल्कि 5 अक्टूबर की रात को हुई एक ही घटना की क्रमिक कानूनी प्रक्रिया (Legal Process) है, जिसके तहत पुलिस ने 72 घंटे के भीतर दो अलग-अलग सख्त कार्रवाइयां की हैं।
पूरा मामला ऐसे समझिए :
5 अक्टूबर (सोमवार रात 10:00 बजे) - सड़क पर मारपीट और पहली हिरासत :
हरिद्वार बाईपास रोड पर नेक्सा शोरूम के पास अनुराग डोभाल, उनके साथियों और उनकी पत्नी रितिका चौहान(Ritika Chauhan) के चचेरे भाई (रिश्ते के साले) राज सिंह चौहान (Raj Singh Chauhan) के बीच पारिवारिक विवाद को लेकर बहस शुरू हुई, जो देखते ही देखते हिंसक मारपीट में बदल गई।कंट्रोल रूम से सूचना मिलने पर नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस माहौल शांत कराने के लिए दोनों पक्षों को बाईपास पुलिस चौकी लेकर आई।
चौकी में भी काटा हंगामा :
पुलिस के अनुसार, चौकी परिसर में बातचीत के दौरान अनुराग डोभाल और उनके साथी दोबारा उग्र हो गए और पीड़ित पर हमला करने की कोशिश की, जिससे वहाँ भारी भीड़ जमा हो गई।
शांति भंग में हुई पहली कार्रवाई:
कानून-व्यवस्था और शांति भंग करने के आरोप में पुलिस ने अनुराग डोभाल सहित 4 लोगों को धारा 170 BNSS (शांति भंग की आशंका) के तहत मौके से हिरासत में ले लिया। चूंकि यह एक जमानती (bailable) धारा थी, इसलिए औपचारिकताएं पूरी होने के बाद उन्हें जमानत मिल गई थी।
6 अक्टूबर - पीड़ित की लिखित शिकायत और एफआईआर (FIR) :
घायल राज सिंह चौहान को मेडिकल जांच के लिए दून अस्पताल भेजा गया। इसके बाद पीड़ित ने नेहरू कॉलोनी थाने में लिखित तहरीर दी।पुलिस ने प्राथमिक शिकायत के आधार पर FIR संख्या 411/2026 दर्ज की, जिसमें शुरुआत में मारपीट और धमकी से जुड़ी भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 117(2), 191(2) और 351(3) लगाई गईं।
8 अक्टूबर (गुरुवार) - गंभीर धाराएं बढ़ना और 'औपचारिक गिरफ्तारी'
अपहरण की धारा जुड़ी:
पुलिस ने जब घटनास्थल के साक्ष्य जुटाए और चश्मदीदों के बयान दर्ज किए, तो पाया कि आरोपियों ने पीड़ित राज सिंह को जबरन गाड़ी में खींचकर ले जाने और जान से मारने की नीयत से अपहरण का प्रयास किया था।
दूसरी व अंतिम कार्रवाई:
सबूतों के आधार पर पुलिस ने मुकदमे में BNS की धारा 140(1) (अपहरण) और धारा 3(5) (संयुक्त जवाबदेही)बढ़ा दी। धाराएं गैर-जमानती और गंभीर होते ही पुलिस की एक स्पेशल टीम ने प्रेमनगर के सुद्धोवाला क्षेत्र से मुख्य आरोपी अनुराग डोभाल और उनके तीन साथियों को औपचारिक रूप से गिरफ्तार (Formally Arrest) कर सलाखों के पीछे भेज दिया।
जेल जाने वाले चारों आरोपियों के नाम:
- अनुराग डोभाल (29 वर्ष) - निवासी खरड़, चंडीगढ़ (मुख्य आरोपी)। इसमें ध्यान देने वाली बात ये है कि अनुराग डोभाल ने अपना नया पता जोड़ा है जबकि वो मूल रूप से देहरादून के निवासी हैं।
- अभिषेक (22 वर्ष) - निवासी रामपुर मनिहारन, सहारनपुर।
- अभय चौधरी (23 वर्ष) - निवासी बहादराबाद, हरिद्वार।
- कुर्बान (23 वर्ष) - निवासी सनोली, पानीपत, हरियाणा।
इसके अलावा एफआईआर में तपन पंडित, धवल राजपुरोहित, अभिषेक टाइगर और अभिनव श्रीवास्तव समेत अन्य लोगों के नामों का भी जिक्र है, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है।









