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दिवाली पर किसानों को योगी सरकार की बड़ी सौगात! फसल बर्बाद होने पर बढ़ेगी आर्थिक मदद, आपदा में जान गंवाने वालों के परिवार को अब ₹8 लाख

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में किसानों और आपदा प्रभावित परिवारों के लिए राहत भरी खबर है। दिवाली से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आर्थिक सहायता को लेकर बड़ा फैसला लिया है। अब प्राकृतिक आपदाओं के कारण फसल बर्बाद होने पर किसानों को पहले के मुकाबले ज्यादा मुआवजा मिलेगा। इतना ही नहीं, आपदा में किसी की जान जाने पर परिवार को मिलने वाली आर्थिक मदद भी दोगुनी कर दी गई है।

सरकार के नए फैसले के तहत मृतक के परिवार को अब 4 लाख रुपये की जगह 8 लाख रुपये दिए जाएंगे। वहीं, फसल नुकसान के मुआवजे में अलग-अलग श्रेणियों के अनुसार 25 से 30 प्रतिशत तक इजाफा किया गया है। अनुमान है कि इस फैसले से प्रदेश के करीब 10 लाख किसानों को लाभ मिल सकता है।

किसानों की जेब को मिलेगी बड़ी राहत

बारिश और दूसरी प्राकृतिक आपदाओं से फसलों को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए सरकार ने सहायता राशि के नए आंकड़े तय किए हैं।

सिंचित जमीन पर फसल खराब होने की स्थिति में किसानों को अब 17 हजार की जगह 22 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर मिलेंगे। वहीं, बारिश से फसल प्रभावित होने पर मुआवजा 8,500 रुपये से बढ़ाकर 11 हजार रुपये कर दिया गया है।

इसके अलावा, बारहमासी फसलों और कृषि वानिकी को नुकसान पहुंचने पर अब 30 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की सहायता मिलेगी।

पशुपालकों के लिए भी बढ़ाई गई मदद

आपदा का असर सिर्फ फसलों तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पशुधन को भी भारी नुकसान पहुंचता है। इसे देखते हुए सरकार ने पशुओं की मौत पर मिलने वाली सहायता राशि में भी बदलाव किया है।

अब बड़े पशु की मौत पर 50 हजार रुपये, जबकि बकरी, भेड़ और सूअर जैसे छोटे पशुओं की मौत पर 5,500 रुपये दिए जाएंगे। घोड़े और खच्चर के लिए 25,400 रुपये और मुर्गीपालकों को प्रत्येक मुर्गी के नुकसान पर 130 रुपये की सहायता मिलेगी।

मकान टूटने पर भी सरकार देगी आर्थिक सहायता

प्राकृतिक आपदा में घर गंवाने वाले परिवारों के लिए भी राहत का प्रावधान किया गया है। मैदानी इलाकों में पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकान के लिए 1.85 लाख रुपये और पहाड़ी क्षेत्रों में 2.06 लाख रुपये की सहायता निर्धारित की गई है। वहीं, मैदानी इलाकों में आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकान की मरम्मत के लिए 93 हजार रुपये मिलेंगे।

खेती की जमीन से गाद हटाने पर 23 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर और भूस्खलन या हिमस्खलन से जमीन को नुकसान होने पर 60 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की मदद दी जाएगी।

कब से लागू होंगे नए नियम?

मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी आदेश के अनुसार, आपदा राहत के संशोधित मानक लागू कर दिए गए हैं। खास बात यह है कि 1 अप्रैल से 4 नवंबर 2026 के बीच हुए नुकसान का आकलन भी नई दरों के आधार पर किया जाएगा।

इसके अलावा, आपदा प्रभावित परिवारों को 30 दिनों तक राहत शिविरों में सहायता और सूखे की स्थिति में 90 दिनों तक पेयजल उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। सरकार के इस फैसले से किसानों और आपदा प्रभावित परिवारों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि बढ़ी हुई सहायता राशि जरूरतमंदों तक कितनी जल्दी पहुंचती है।