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पश्चिम एशिया संकट का असर भारत पर: राहुल गांधी का मोदी सरकार पर बड़ा हमला, LPG महंगाई से गरीब बेहाल

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को प्रभावित करना शुरू कर दिया है। यह क्षेत्र वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का मुख्य केंद्र है, इसलिए यहां किसी भी प्रकार का संघर्ष सीधे तौर पर ऊर्जा की कीमतों को प्रभावित करता है। भारत जैसे देश, जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़े पैमाने पर आयात पर निर्भर हैं, इस संकट से अछूते नहीं रह सकते।

हाल के दिनों में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई है, जिसका सीधा असर एलपीजी गैस, पेट्रोल और डीजल के दामों पर पड़ा है। नतीजतन, आम जनता पर महंगाई का बोझ और बढ़ गया है, खासकर गरीब और मध्यम वर्ग के लिए यह स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण हो गई है।

राहुल गांधी का केंद्र सरकार पर हमला

इस बीच, कांग्रेस नेता Rahul Gandhi ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री Narendra Modi ने एलपीजी संकट को उसी तरह संभाला है, जैसे COVID-19 महामारी को संभाला गया था।

राहुल गांधी ने कहा कि सरकार के पास ठोस नीति का अभाव है और केवल बड़ी-बड़ी घोषणाएं की जा रही हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हर संकट का सबसे बड़ा बोझ गरीबों पर डाला जा रहा है।

उनका कहना है कि आज एक आम मजदूर, जो प्रतिदिन 500 से 800 रुपये कमाता है, उसके लिए रसोई गैस खरीदना बेहद मुश्किल हो गया है। कई मजदूर ऐसे हैं जिनके पास दिनभर की मेहनत के बाद घर लौटने पर खाना बनाने तक के पैसे नहीं बचते।

राहुल गांधी ने प्रवासी मजदूरों की स्थिति को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि हालात ऐसे बन रहे हैं कि मजदूर एक बार फिर शहर छोड़कर गांवों की ओर पलायन करने को मजबूर हो सकते हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि:

वस्त्र (टेक्सटाइल) उद्योग पहले से ही संकट में है

विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र संघर्ष कर रहा है

छोटे और मध्यम उद्योगों पर दबाव बढ़ता जा रहा है

राहुल गांधी के अनुसार, यह स्थिति केवल वैश्विक संकट का परिणाम नहीं है, बल्कि सरकार की नीतिगत विफलताओं का भी नतीजा है।

🇮🇳 सरकार का पक्ष और तैयारियां

दूसरी ओर, प्रधानमंत्री Narendra Modi ने पहले ही देश को आगाह किया था कि पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष लंबे समय तक असर डाल सकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की थी कि वे कोविड-19 के समय की तरह एकजुट रहें और किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए तैयार रहें।

सरकार ने स्थिति से निपटने के लिए कई कदम उठाए हैं:

कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की बैठक आयोजित की गई

आवश्यक वस्तुओं की उपलब्धता का आकलन किया गया

संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए कि वे नागरिकों की समस्याओं को कम करने के लिए हर संभव प्रयास करें

अफवाहों को रोकने के लिए विश्वसनीय सूचना प्रणाली पर जोर दिया गया

सरकार का कहना है कि वह वैश्विक परिस्थितियों पर लगातार नजर बनाए हुए है और नागरिकों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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