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उत्तराखंड मौसम अपडेट: केदारनाथ-यमुनोत्री में बर्फबारी, देहरादून समेत मैदानी इलाकों में बारिश से बढ़ी ठंड

उत्तराखंड में मौसम का बड़ा बदलाव: केदारनाथ-यमुनोत्री में बर्फबारी, मैदानी इलाकों में बारिश से ठंड बढ़ी

उत्तराखंड में एक बार फिर मौसम ने करवट ली है, जिससे पहाड़ से लेकर मैदान तक ठंड का असर साफ देखने को मिल रहा है। ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में लगातार बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। खासकर केदारनाथ धाम और यमुनोत्री धाम में हुई ताजा बर्फबारी ने पूरे क्षेत्र को सफेद चादर से ढक दिया है।

ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फबारी से बढ़ी ठंड

केदारनाथ और यमुनोत्री सहित 2800 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में लगातार बर्फबारी हो रही है। बर्फ से ढके पहाड़ और रास्ते बेहद मनमोहक नजर आ रहे हैं, लेकिन इसके साथ ही ठंड में जबरदस्त इजाफा हो गया है। स्थानीय लोगों और यात्रियों को अब फिर से गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।

मसूरी, चकराता और धनोल्टी जैसे पर्यटन स्थलों पर भी तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ठंड का असर और ज्यादा बढ़ गया है। मसूरी में बर्फीली हवाओं ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है।

देहरादून समेत मैदानी इलाकों में बारिश

राज्य के मैदानी इलाकों, खासकर देहरादून में रातभर हुई बारिश ने मौसम को पूरी तरह बदल दिया है। सुबह से ही ठंडी हवाएं चलने लगीं और तापमान में गिरावट दर्ज की गई। लोगों को एक बार फिर से स्वेटर और जैकेट पहननी पड़ी।

बारिश के कारण दफ्तर और बाजार जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली, जिससे यातायात प्रभावित हुआ और जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया।

तापमान में गिरावट और अलर्ट जारी

मौसम विभाग के अनुसार, देहरादून का न्यूनतम तापमान 14.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से कम है। वहीं, पहाड़ी क्षेत्रों में तापमान इससे भी नीचे चला गया है।

मौसम विभाग ने देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, चंपावत और ऊधमसिंहनगर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इसके अलावा अन्य जिलों में यलो अलर्ट घोषित किया गया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि आने वाले दिनों में भी मौसम ऐसा ही बना रह सकता है।

बारिश के आंकड़े

पिछले 24 घंटों में राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश दर्ज की गई है। चकराता में 36.3 मिमी, मसूरी में 32.4 मिमी, कोटद्वार में 32 मिमी और कीर्तिनगर में 30 मिमी बारिश हुई। सबसे अधिक 57 मिमी वर्षा कोटी में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा नागथात और धनोल्टी में भी अच्छी बारिश देखने को मिली।

पश्चिमी विक्षोभ बना मौसम बदलाव की वजह

इस पूरे मौसम परिवर्तन के पीछे मुख्य कारण पश्चिमी विक्षोभ की सक्रियता है। विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ एक ऐसा मौसम तंत्र है जो भूमध्यसागर और अरब सागर से नमी लेकर आता है। यही नमी बादलों के रूप में उत्तर भारत के पहाड़ी और मैदानी इलाकों में बारिश और बर्फबारी का कारण बनती है। इसके साथ ही हिमालयी क्षेत्रों से आने वाली ठंडी हवाएं तापमान को और गिरा देती हैं, जिससे सर्दी का असर बढ़ जाता है।

लोगों के लिए जरूरी सलाह

मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खासकर पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। फिसलन भरे रास्तों और खराब मौसम के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है।

मैदानी इलाकों में भी बारिश के चलते जलभराव और ट्रैफिक की समस्या से बचने के लिए लोगों को सतर्क रहना चाहिए।

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