UP : सरकार की नई पहल, 2.88 करोड़ किसानों को मिलेगा योजनाओं का सीधा लाभ!
UP : उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के किसानों को सशक्त बनाने के उद्देश्य से एक महत्वाकांक्षी अभियान की घोषणा की है। इस अभियान का मुख्य लक्ष्य राज्य के 2.88 करोड़ से अधिक किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे और प्रभावी तरीके से प्रदान करने के लिए उनका पंजीकरण सुनिश्चित करना है। इस पहल के तहत, सरकार 100% किसान पंजीकरण का लक्ष्य लेकर चल रही है, ताकि कोई भी पात्र किसान सरकारी सहायता से वंचित न रह जाए।
UP : 2.88 करोड़ किसानों का पंजीकरण
यह अभियान 16 सितंबर, 2025 से शुरू होने वाला है और इसका मुख्य फोकस उन किसानों पर है जिन्होंने अभी तक किसी भी सरकारी डेटाबेस में खुद को पंजीकृत नहीं कराया है। आधिकारिक रिकॉर्ड्स के अनुसार, राज्य में लगभग 1.47 करोड़ किसान ऐसे हैं जिन्होंने अभी तक अपना पंजीकरण नहीं कराया है।
इन किसानों के पंजीकरण के बिना, वे केंद्र और राज्य सरकार की कई महत्वपूर्ण योजनाओं, जैसे प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (PM-Kisan) और फसल बीमा योजना से वंचित रह सकते हैं। पीएम-किसान योजना के तहत किसानों को प्रति वर्ष ₹6,000 की वित्तीय सहायता मिलती है, जो सीधे उनके बैंक खातों में तीन किस्तों में जमा की जाती है। पंजीकरण न होने के कारण, ये किसान इस महत्वपूर्ण आर्थिक सहायता को खो सकते हैं।
UP : भ्रष्टाचार पर लगाम और बिचौलियों की भूमिका खत्म
इस पंजीकरण अभियान का एक बड़ा उद्देश्य सरकारी योजनाओं के वितरण में पारदर्शिता लाना है। सरकार एक केंद्रीकृत और डिजिटल डेटाबेस बनाने की योजना बना रही है जिसमें किसानों के भूमि स्वामित्व रिकॉर्ड को उनके आधार कार्ड से जोड़ा जाएगा।
यह कदम भ्रष्टाचार को कम करने और बिचौलियों की भूमिका को खत्म करने में सहायक होगा। डिजिटल रिकॉर्ड्स से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि लाभ सीधे पात्र किसान तक पहुंचे, जिससे योजना के क्रियान्वयन में होने वाली अनियमितताएं समाप्त होंगी।
राजस्व विभाग को इस कार्य के लिए विशेष रूप से निर्देश दिए गए हैं। उन्हें एक मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी करने को कहा गया है, जो भूमि रिकॉर्ड्स को अद्यतन करने और उन्हें डिजिटल रूप में लाने में मदद करेगी। इससे न केवल किसानों का डेटा सटीक होगा, बल्कि सरकार को भी किसानों की वास्तविक स्थिति का पता लगाने में आसानी होगी।
UP : योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने में सहायक
पंजीकरण से प्राप्त डेटा का उपयोग सरकार अपनी कृषि नीतियों को अधिक प्रभावी और लक्ष्य-केंद्रित बनाने के लिए कर सकती है। सरकार को राज्य में वास्तविक किसानों की संख्या, उनकी फसलों के प्रकार, सिंचाई की जरूरतों और अन्य चुनौतियों का सटीक आकलन करने में मदद मिलेगी। इस डेटा के आधार पर, सरकार किसानों के लिए विशेष योजनाएं बना सकती है जो उनकी विशिष्ट आवश्यकताओं को पूरा करें।
इसके अलावा, पंजीकृत किसानों को नई तकनीकों, उच्च गुणवत्ता वाले बीजों और आधुनिक कृषि उपकरणों तक आसान पहुंच मिलेगी। सरकार किसानों को कृषि संबंधी सूचनाएं सीधे भेज सकेगी, जैसे मौसम की जानकारी, नई योजनाओं की घोषणाएं और कृषि विशेषज्ञ सलाह। यह सब किसानों की उत्पादकता और आय को बढ़ाने में सहायक होगा।
UP : वित्तीय लाभ और किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)
पंजीकरण के बाद, किसान न केवल सब्सिडी और आर्थिक सहायता का लाभ उठा पाएंगे, बल्कि उन्हें किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) और अन्य ऋण सुविधाओं तक भी पहुंच मिलेगी।
KCC एक महत्वपूर्ण वित्तीय उपकरण है जो किसानों को 4% की रियायती ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराता है। यह ऋण किसानों को बीज, खाद, कृषि उपकरण खरीदने और अन्य कृषि-संबंधी खर्चों को पूरा करने में मदद करता है।
UP : प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) का उदाहरण
यह पंजीकरण अभियान केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) की सफलता को दोहराने की उम्मीद रखता है। इस योजना के तहत, पिछले पांच वर्षों में देश भर में 29.29 करोड़ से अधिक किसानों ने अपना पंजीकरण कराया है, और उनमें से 8.99 करोड़ से अधिक किसानों को ₹1,03,903 करोड़ से अधिक का मुआवजा प्राप्त हुआ है।
यह आंकड़ा इस बात का प्रमाण है कि सरकारी योजनाओं में पंजीकरण कितना महत्वपूर्ण है और कैसे यह किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से होने वाले नुकसान से बचाता है।
UP : क्या कहते हैं विशेषज्ञ
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह अभियान उत्तर प्रदेश में कृषि क्षेत्र में एक क्रांतिकारी बदलाव ला सकता है। उनका कहना है कि किसानों को एक डिजिटल पहचान मिलने से न केवल सरकारी सहायता का प्रवाह सुचारू होगा, बल्कि उन्हें बाजार और अन्य कृषि-संबंधी सेवाओं से भी जुड़ने में मदद मिलेगी। यह अभियान किसानों को एक मजबूत आधार प्रदान करेगा, जिससे वे अपनी फसल का बेहतर मूल्य प्राप्त कर सकें और अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार कर सकें।
इस अभियान की सफलता के लिए, सरकार को ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक जागरूकता अभियान चलाने और पंजीकरण प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाने पर ध्यान देना होगा। यदि यह अभियान सफल होता है, तो यह उत्तर प्रदेश के कृषि क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखेगा और राज्य के करोड़ों किसानों के जीवन में समृद्धि लाएगा।
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