ईरान-इजराइल युद्ध का असर: यूपी के कई जिलों में रसोई गैस संकट, एजेंसियों पर लंबी कतारें
ईरान-इजराइल युद्ध का असर: यूपी के कई जिलों में गहराया रसोई गैस संकट
ईरान और इजराइल के बीच बढ़ते युद्ध के प्रभाव अब भारत के कई हिस्सों में दिखाई देने लगे हैं। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में रसोई गैस की भारी किल्लत सामने आ रही है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि गैस एजेंसियों पर सुबह से ही उपभोक्ताओं की लंबी कतारें लग रही हैं। गैस सिलिंडर न मिलने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है और कई जगहों पर एजेंसी कर्मचारियों से विवाद भी देखने को मिल रहा है।
घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ औद्योगिक इकाइयों पर भी इसका गंभीर असर पड़ रहा है। कई छोटे-बड़े उद्योग गैस की कमी के कारण बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं।
प्रयागराज में गैस एजेंसी पर हंगामा
प्रयागराज के झुंसी क्षेत्र में गैस सिलिंडर की कमी को लेकर स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। गैस लेने पहुंचे उपभोक्ताओं और एजेंसी कर्मचारियों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा। कुछ समय के लिए गैस एजेंसी का कार्यालय भी बंद करना पड़ा।
शाहजहांपुर में हाईवे जाम
शाहजहांपुर के जलालाबाद में गैस सिलिंडर न मिलने से नाराज लोगों ने बरेली-फर्रुखाबाद हाईवे पर जाम लगा दिया। सुबह करीब दस बजे शुरू हुए इस विरोध प्रदर्शन से यातायात प्रभावित हो गया। हालांकि सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने लोगों को समझा-बुझाकर जाम खुलवा दिया।
गोरखपुर में घंटों लाइन के बाद भी नहीं मिल रहा सिलिंडर
गोरखपुर के भरोहिया इलाके में भी गैस संकट गहराता जा रहा है। यहां लोग घंटों लाइन में खड़े रहने के बाद भी खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं। पीपीगंज की एक गैस एजेंसी सील होने के बाद गैस वितरण ठप हो गया है। इससे नाराज उपभोक्ताओं ने प्रदर्शन भी किया।
आगरा, एटा, कासगंज और मैनपुरी में भी वही हाल
आगरा, एटा, कासगंज और मैनपुरी जैसे जिलों में भी घरेलू गैस सिलिंडर के लिए मारामारी की स्थिति बनी हुई है। गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी कतारें लग रही हैं। कई उपभोक्ताओं का कहना है कि गैस बुकिंग भी नहीं हो पा रही है, जिससे उनकी परेशानी और बढ़ गई है। गैस संकट का असर खाद्य पदार्थों की कीमतों पर भी पड़ने लगा है। कई दुकानों और होटलों में नई रेट लिस्ट लगा दी गई है।
फिरोजाबाद में चूड़ी उद्योग पर संकट
फिरोजाबाद, जिसे चूड़ी उद्योग के लिए देशभर में जाना जाता है, वहां भी गैस संकट ने उद्योगों की कमर तोड़ दी है। गैस कंपनियों ने औद्योगिक इकाइयों को मिलने वाली गैस के कोटे में करीब 20 प्रतिशत कटौती कर दी है।
इस कटौती के कारण कांच और चूड़ी उद्योग पर ताले लगने की नौबत आ गई है। अगर जल्द ही गैस आपूर्ति बहाल नहीं हुई तो जिले के सैकड़ों कारखाने बंद हो सकते हैं। इससे हजारों कामगारों की रोजी-रोटी पर संकट खड़ा हो जाएगा।
हाथरस के घुंघरू उद्योग पर भी असर
हाथरस जिले के बिसावर क्षेत्र में चांदी के घुंघरू और आभूषण बनाने का बड़ा कारोबार होता है। यहां करीब 180 छोटी-बड़ी फैक्टरियां हैं, जिनमें करीब 4000 कारीगर काम करते हैं। लेकिन व्यावसायिक गैस सिलिंडर की आपूर्ति बाधित होने के कारण इन फैक्टरियों में काम लगभग ठप हो गया है। पर्यावरण नियमों के कारण यहां की मशीनें केवल गैस से ही चलती हैं। गैस न मिलने से उत्पादन पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
वाराणसी समेत कई जिलों में स्थिति गंभीर
वाराणसी सहित पूर्वांचल के करीब दस जिलों में घरेलू गैस सिलिंडर की आपूर्ति कम हो गई है। वाराणसी के कई अन्नक्षेत्रों में गैस खत्म हो चुकी है और वहां अब चूल्हे जलाए जा रहे हैं। कुछ बड़े होटलों में भी वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर चूल्हे लगाए गए हैं।
इस बीच जौनपुर और भदोही में गैस सिलिंडर की कालाबाजारी के मामले भी सामने आए हैं। जौनपुर के जफराबाद क्षेत्र में छापेमारी के दौरान 61 घरेलू सिलिंडर बरामद किए गए। वहीं भदोही में भी 24 सिलिंडर जब्त किए गए हैं।
मिर्जापुर में कई गैस वितरकों ने अपने मोबाइल फोन बंद कर लिए हैं, जिससे उपभोक्ताओं की परेशानी और बढ़ गई है। आजमगढ़, चंदौली, सोनभद्र, गाजीपुर और बलिया में भी गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
सरकार ने दिया भरोसा
उत्तर प्रदेश के वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा है कि ईरान-इजराइल युद्ध के कारण पैदा हुई वैश्विक परिस्थितियों पर सरकार की नजर है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्रदेश में घरेलू उपभोक्ताओं को गैस या अन्य आवश्यक ईंधन की कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि रसोई गैस की कालाबाजारी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि फिलहाल प्रदेश के कई जिलों में गैस संकट ने आम लोगों और उद्योगों दोनों की चिंता बढ़ा दी है। अगर जल्द ही आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।
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