वेब स्टोरी

उत्तराखंड में पहली बार ईसीएचएस द्वारा एनए एवं एएलसी दवाओं की घर-घर आपूर्ति

ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक देहरादून द्वारा उत्तराखंड में वरिष्ठ पूर्व सैनिकों एवं व्हाइट कार्ड धारकों के लिए पहली बार दवाओं की होम डिलीवरी सेवा शुरू

देहरादून। भूतपूर्व सैनिक अंशदायी स्वास्थ्य योजना (ईसीएचएस) के अंतर्गत संचालित ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक (टाइप ‘A’) देहरादून की स्थापना वर्ष 2004 में रीजेनल सेंटर ईसीएचएस, लखनऊ के अधीन ओल्ड मिलिट्री हॉस्पिटल (एमएच) देहरादून परिसर में की गई थी। 19 नवंबर 2007 को पॉलीक्लिनिक को ईसीएचएस मुख्य भवन में स्थानांतरित किया गया तथा बाद में इसे रीजेनल सेंटर ईसीएचएस देहरादून के अधिकार क्षेत्र में शामिल किया गया।

ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक देहरादून ने उत्तराखंड में एक नई पहल करते हुए 70 वर्ष से अधिक आयु के लाभार्थियों एवं व्हाइट कार्ड धारकों के लिए नॉन-अवेलेबिलिटी (NA) एवं एएलसी दवाओं की पहली बार अपने स्तर पर होम डिलीवरी सेवा प्रारंभ की है। यह राज्य में अपनी तरह की पहली सुविधा है।

इस पहल के अंतर्गत 11 फरवरी 2026 को गढ़ी कैंट स्थित मानद सूबेदार मेजर प्रेम चंद ठाकुर (91 वर्ष) तथा 13 फरवरी 2026 को रायपुर के ग्राम रंज्हावाला निवासी मानद कैप्टन सुरेंद्र सिंह छेत्री (76 वर्ष) को उनके निवास स्थान पर दवाओं की सफलतापूर्वक आपूर्ति की गई।

ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक देहरादून, देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, चमोली और पौड़ी जनपदों के ईसीएचएस लाभार्थियों को स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने के लिए उत्तरदायी है। इसके अतिरिक्त विकासनगर, रायवाला और क्लेमेंट टाउन स्थित पॉलीक्लिनिक से संदर्भित मामलों को मिलिट्री हॉस्पिटल (एमएच) देहरादून तथा सूचीबद्ध अस्पतालों में भेजने की व्यवस्था भी यहीं से की जाती है। व्यापक चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता के कारण हिमाचल प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों से भी लाभार्थी उपचार हेतु यहां आते हैं।

वर्तमान में ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक देहरादून पर कुल 1,49,052 लाभार्थी निर्भर हैं, जिनमें 51,912 प्राथमिक लाभार्थी एवं 97,140 आश्रित शामिल हैं। पॉलीक्लिनिक में प्रतिमाह औसतन 850 से 950 मरीज उपचार हेतु आते हैं।

यह पहल वरिष्ठ नागरिकों एवं प्राथमिकता श्रेणी के लाभार्थियों सहित पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की दिशा में ईसीएचएस पॉलीक्लिनिक देहरादून की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

Watch Video

Watch the full video for more details on this story.

You Might Also Like

Facebook Feed