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रुद्रनाथ यात्रा में उमड़ी भारी भीड़, श्रद्धालुओं को ठहरने और भोजन की भारी परेशानी

रुद्रनाथ यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़, ठहरने और भोजन की व्यवस्था हुई प्रभावित

रुद्रनाथ मंदिर यात्रा मार्ग पर इन दिनों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। सीमित संसाधनों और कम व्यवस्थाओं के चलते यात्रियों को ठहरने और भोजन को लेकर भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। मंदिर क्षेत्र से लेकर ल्वींठी, पुंग और पनार बुग्याल तक हालात चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं।रविवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु रुद्रनाथ धाम के लिए रवाना हुए, जिसके कारण यात्रा मार्ग पर उपलब्ध संसाधन कम पड़ गए। कई श्रद्धालुओं को खुले आसमान के नीचे अलाव जलाकर रात बितानी पड़ी।

सीमित संसाधनों के बीच बढ़ी यात्रियों की संख्या

जानकारी के अनुसार, रुद्रनाथ यात्रा मार्ग पर कुल मिलाकर करीब 200 श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था ही उपलब्ध है। इसके बावजूद रविवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा पर निकल पड़े।स्थिति को देखते हुए केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग के अधिकारियों और वन कर्मियों ने यात्रा के प्रवेश द्वार सगर गांव में श्रद्धालुओं को सीमित सुविधाओं की जानकारी देकर रोकने का प्रयास किया, लेकिन अधिकांश यात्री आगे बढ़ गए।

ल्वींठी बुग्याल में खुले आसमान के नीचे गुजरी रात

रविवार देर शाम तक ल्वींठी बुग्याल में 250 से अधिक श्रद्धालु पहुंच गए थे, जबकि यहां केवल लगभग 100 लोगों के ठहरने और भोजन की व्यवस्था उपलब्ध थी। जगह कम पड़ने के कारण कई श्रद्धालुओं को खुले आसमान के नीचे अलाव जलाकर रात बितानी पड़ी। हालांकि राहत की बात यह रही कि रात में मौसम खराब नहीं हुआ और बारिश नहीं हुई, जिससे किसी बड़ी परेशानी से बचाव हो गया।

पनार और पुंग बुग्याल में भी बढ़ा दबाव

इसी तरह पनार बुग्याल और पुंग बुग्याल में भी 300 से अधिक श्रद्धालु रुके रहे। यात्रा मार्ग पर सुविधाओं की कमी के कारण कई लोगों को भोजन और ठहरने की पर्याप्त व्यवस्था नहीं मिल सकी। यात्रा पर गए श्रद्धालु तेजवीर कंडेरी ने बताया कि रुद्रनाथ ट्रेक पर संसाधनों का अभाव साफ दिखाई दे रहा है। उन्होंने कहा कि देर शाम तक श्रद्धालु सगर गांव से आगे बढ़ते रहे, जिससे व्यवस्थाएं पूरी तरह दबाव में आ गईं।

वन विभाग ने बढ़ाई व्यवस्थाएं

भरत सिंह नेगी ने बताया कि रविवार को 370 और सोमवार को 250 श्रद्धालु रुद्रनाथ यात्रा पर गए। उन्होंने कहा कि बढ़ती भीड़ को देखते हुए वन विभाग ने अतिरिक्त व्यवस्थाएं शुरू कर दी हैं। ल्वींठी बुग्याल में 11 अतिरिक्त टेंट भेजे गए हैं, जिनमें करीब 110 श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा मोलीखर्क में तीन और पुंग बुग्याल में दो अतिरिक्त टेंट लगाए गए हैं ताकि यात्रियों को राहत मिल सके।

दोपहर 2 बजे के बाद ट्रेक पर रोक

बढ़ती भीड़ और सीमित संसाधनों को देखते हुए प्रशासन ने अब सख्त कदम उठाए हैं। केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग ने निर्णय लिया है कि श्रद्धालुओं को अब दोपहर 2 बजे से पहले सगर गांव पहुंचना होगा। रेंजर भरत सिंह नेगी ने बताया कि अपराह्न 2 बजे के बाद किसी भी श्रद्धालु को रुद्रनाथ ट्रेक पर आगे नहीं जाने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग और मंदिर क्षेत्र में सीमित ठहरने और भोजन की व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रतिदिन 200 से अधिक श्रद्धालुओं को आगे नहीं भेजा जाएगा।

नियम तोड़ने पर होगी कार्रवाई

वन विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि कोई श्रद्धालु तय समय के बाद ट्रेक पर जाने की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया गया है ताकि ऊंचाई वाले दुर्गम क्षेत्रों में किसी प्रकार की आपात स्थिति उत्पन्न न हो।

यात्रा सीजन में बढ़ी चुनौती

उत्तराखंड में इन दिनों चारधाम और पंचकेदार यात्रा के चलते श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। रुद्रनाथ जैसे दुर्गम धामों में सीमित संसाधनों के कारण प्रशासन के सामने व्यवस्थाएं बनाए रखना बड़ी चुनौती बन गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में यदि यात्रियों की संख्या और बढ़ती है तो अतिरिक्त टेंट, भोजन केंद्र और चिकित्सा सुविधाओं की व्यवस्था करना जरूरी होगा ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा अनुभव मिल सके।

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