देहरादून में छात्रों के बीच खूनी संघर्ष: पुरानी रंजिश में युवक की मौत, तीन हिरासत में
देहरादून में छात्रों के बीच खूनी संघर्ष: पुरानी रंजिश में युवक की मौत
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून से एक बेहद दुखद और चिंताजनक मामला सामने आया है, जहां छात्रों के बीच हुई मारपीट ने एक युवक की जान ले ली। यह घटना प्रेमनगर क्षेत्र के केहरी गांव की है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
जानकारी के अनुसार, दो छात्र गुटों के बीच लंबे समय से चली आ रही आपसी रंजिश सोमवार रात हिंसक झगड़े में बदल गई। दोनों पक्षों के युवक एक निजी संस्थान में पढ़ाई कर रहे थे और पहले से ही उनके बीच तनाव बना हुआ था।
कैसे हुआ विवाद?
पुलिस के मुताबिक, सोमवार रात दोनों गुटों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। इस दौरान एक छात्र गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, झगड़ा इतना बढ़ गया कि आसपास के लोग भी घबरा गए और स्थिति को संभालना मुश्किल हो गया।
घायल युवक की पहचान 22 वर्षीय दिव्यांशु जाटराना के रूप में हुई है, जो उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले के भोपा क्षेत्र का रहने वाला था।
अस्पताल में इलाज के दौरान मौत
घटना के तुरंत बाद घायल दिव्यांशु को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया। उसकी हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने उसे दून अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि, तमाम प्रयासों के बावजूद देर रात इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। दिव्यांशु की मौत की खबर मिलते ही उसके परिजनों में कोहराम मच गया। वहीं, इस घटना के बाद इलाके में भी तनाव का माहौल बन गया है।
पुलिस की कार्रवाई
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। एसपी सिटी प्रमोद कुमार ने बताया कि मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए तीन छात्रों को हिरासत में लिया गया है। परिजनों की शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस पूरे मामले की गहराई से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि विवाद की असली वजह क्या थी और इसमें और कौन-कौन शामिल हो सकता है।
पुरानी रंजिश बनी मौत की वजह
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से ही विवाद चल रहा था। इसी पुरानी रंजिश ने सोमवार रात हिंसक रूप ले लिया और एक युवक की जान चली गई। ऐसे मामलों में अक्सर छोटी-छोटी कहासुनी बड़े विवाद में बदल जाती है, जो बाद में गंभीर परिणाम देती है। यह घटना भी उसी का एक उदाहरण है।
शिक्षा संस्थानों में बढ़ती हिंसा चिंता का विषय
यह घटना एक बार फिर यह सवाल खड़ा करती है कि शिक्षा संस्थानों में छात्रों के बीच बढ़ती हिंसा को कैसे रोका जाए। जहां छात्रों को शिक्षा और संस्कार मिलना चाहिए, वहां इस तरह की घटनाएं समाज के लिए गंभीर चिंता का विषय बन रही हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों के बीच आपसी संवाद, काउंसलिंग और समय रहते विवादों का समाधान करना बेहद जरूरी है, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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