Uttarakhand : नई आवास नीति में मिलेंगी भारी रियायतें, अब घर बनाना आसान | Nation One
Updated: 27 February 2025Author: Nation One NewsViews: 143
Uttarakhand : उत्तराखंड सरकार ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए एक बड़ी पहल की है। नई आवास नीति के तहत, गरीब परिवारों को किफायती दरों पर घर उपलब्ध कराने के लिए कई रियायतें दी गई हैं। इस योजना के अंतर्गत, 9 लाख रुपये तक के मकान में सरकार आधे से अधिक खर्च वहन करेगी, जिससे लाभार्थियों पर वित्तीय बोझ काफी कम होगा। EWS श्रेणी के लोगों को केवल 4.5 से 5.5 लाख रुपये ही चुकाने होंगे, जबकि शेष राशि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा अनुदान के रूप में दी जाएगी। केंद्र सरकार 1.5 लाख रुपये और राज्य सरकार 2 से 3 लाख रुपये की सहायता प्रदान करेगी। इसके अलावा, बैंक से कर्ज लेने की प्रक्रिया को भी सरल बनाया गया है, ताकि आवास निर्माण में किसी तरह की वित्तीय बाधा न आए।
Uttarakhand : पारंपरिक ‘बाखली शैली’ को बढ़ावा
सरकार ने पर्वतीय क्षेत्रों में पारंपरिक ‘बाखली शैली’ के निर्माण को प्रोत्साहित करने के लिए अतिरिक्त रियायतें दी हैं। इन क्षेत्रों में बाखली शैली में भवन बनवाने वालों को राज्य सरकार की ओर से 3 लाख रुपये की सहायता राशि मिलेगी। वहीं, मैदानी क्षेत्रों में 9 लाख रुपये की लागत वाले घरों के लिए लाभार्थी को केवल 5.5 लाख रुपये ही चुकाने होंगे।
Uttarakhand : स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क में बड़ी राहत
ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए स्टाम्प शुल्क और पंजीकरण शुल्क में भारी कमी की गई है। पहले 10 लाख रुपये के मकान पर करीब 80,000 रुपये का खर्च आता था, लेकिन अब ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लिए स्टाम्प शुल्क मात्र 1,000 रुपये और पंजीकरण शुल्क 500 रुपये होगा। एलआईजी (LIG) के लिए यह शुल्क 5,000 रुपये और एलएमआईजी (LMIG) के लिए 10,000 रुपये तय किया गया है। साथ ही, बैंक से लोन लेने पर अनुबंध शुल्क को पूरी तरह से हटा दिया गया है, जिससे घर बनाने की लागत और कम हो जाएगी।
Uttarakhand : नक्शा पास कराने और भू-उपयोग परिवर्तन में सरलीकरण
सरकार ने आवास परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने के लिए भू-उपयोग परिवर्तन और नक्शा पास कराने की प्रक्रिया को भी सरल बनाया है। 10,000 वर्ग मीटर तक की जमीन का भू-उपयोग परिवर्तन अब तीन माह के भीतर प्राधिकरण स्तर पर किया जाएगा। साथ ही, ईडब्ल्यूएस श्रेणी के लोगों को मकानों का नक्शा पास कराने के लिए अब कोई शुल्क नहीं देना होगा। परियोजना के लिए जमीन खरीदने वाले बिल्डरों को भी स्टाम्प शुल्क में राहत दी गई है। साथ ही, उन्हें सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट लगाने पर सरकार की ओर से सहायता मिलेगी। कॉमर्शियल फ्लोर एरिया रेशियो (FAR) को मैदानी इलाकों में 25% और पहाड़ी क्षेत्रों में 30% कर दिया गया है, जिससे बिल्डरों को अधिक निर्माण करने की छूट मिलेगी। इस नई आवास नीति के माध्यम से उत्तराखंड सरकार ने गरीबों के लिए घर का सपना साकार करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। यह योजना न केवल आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को सशक्त बनाएगी, बल्कि राज्य में आवासीय विकास को भी नई गति देगी।
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