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8th pay commission पर केंद्र का बड़ा फैसला, कर्मचारियों की इस मांग को किया खारिज

8वें वेतन आयोग को लेकर चल रही अटकलों के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा बयान दिया है। लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने साफ़ कहा कि फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को इंटरिम राहत देने का कोई प्रस्ताव विचार में नहीं है। इसके साथ ही, महंगाई भत्ता (DA) को बेसिक सैलरी में शामिल करने की कर्मचारियों की मांग को भी सरकार ने ठुकरा दिया।

कर्मचारी संगठनों का कहना है कि पिछले 30 सालों में महंगाई सबसे ऊँचे स्तर पर पहुंच गई है। उनका तर्क है कि मौजूदा DA और DR (पेंशनरों का भत्ता) खुदरा महंगाई के मुकाबले काफी कम हैं। इसी वजह से यूनियन चाहती हैं कि DA जब 50% पर पहुंचे, तो उसे बेसिक पे में मिला दिया जाए। ये मांग तब और तेज़ हो गई जब सरकार ने नवंबर में 8वें पे कमीशन के लिए टर्म्स ऑफ रेफरेंस जारी किए।

वायरल मैसेज पर सरकार का बयान

हाल ही में सोशल मीडिया पर एक मैसेज फैल रहा था, जिसमें दावा किया गया था कि फाइनेंस एक्ट 2025 के बाद DA वृद्धि और पे कमीशन से जुड़े फायदे बंद कर दिए जाएंगे, खासतौर पर रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए। सरकार ने इस दावे को X पर जारी पोस्ट में पूरी तरह फर्जी बताया।

किस पर लागू हुआ नया बदलाव?

सरकार ने स्पष्ट किया कि हाल ही में CCS (पेंशन) रूल्स, 2021 के रूल 37 में किया गया संशोधन बेहद सीमित दायरे में लागू होता है।

ये बदलाव उन PSU कर्मचारियों के लिए है जिन्हें किसी गंभीर गलती की वजह से नौकरी से हटाया गया हो।

ऐसे मामलों में उनके रिटायरमेंट लाभ—जैसे पेंशन—जप्त किए जा सकते हैं।

सरकार ने बताया कि यह संशोधन डिपार्टमेंट ऑफ पेंशन एंड पेंशनर्स वेलफेयर और वित्त मंत्रालय की सलाह के बाद किया गया है। इसका आम कर्मचारियों या पेंशनरों के DA/DR पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

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