ऋषिकेश में चारधाम यात्रियों से ठगी, फर्जी ट्रैवल एजेंट ने वसूले पैसे; 8000 रुपये चोरी का आरोप
ऋषिकेश में चारधाम यात्रियों से ठगी का मामला, फर्जी ट्रैवल एजेंट पर पैसे लेकर फरार होने का आरोप
चारधाम यात्रा के प्रवेश द्वार माने जाने वाले ऋषिकेश में तीर्थ यात्रियों के साथ धोखाधड़ी और आर्थिक ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला रविवार सुबह का है, जब केदारनाथ जा रहे छह यात्रियों से कथित ट्रैवल एजेंट ने प्रति यात्री 1000 रुपये किराया वसूल लिया और उन्हें एक मैक्स वाहन में बैठा दिया। बाद में पूरे मामले में ठगी और पैसे चोरी करने के आरोप सामने आए, जिससे यात्रियों और स्थानीय व्यापारियों में नाराजगी बढ़ गई।
घटना के बाद परिवहन संगठनों और व्यापार संघ ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि चारधाम यात्रा सीजन के दौरान फर्जी ट्रैवल एजेंटों और डग्गामार वाहनों की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं, लेकिन प्रशासन प्रभावी कार्रवाई नहीं कर पा रहा।
खुद को चालक बताकर यात्रियों को झांसे में लिया
मैक्स वाहन चालक के अनुसार, वह कुछ देर के लिए पास में अपना सामान लेने गया था। इसी दौरान खुद को ट्रैवल एजेंट बताने वाला युवक जबरदस्ती वाहन की चालक सीट पर जाकर बैठ गया। आरोप है कि उसने यात्रियों के सामने खुद को वाहन चालक या उससे संबंधित व्यक्ति के रूप में पेश किया। यात्रियों को भी लगा कि वह वाहन से जुड़ा व्यक्ति है, जिसके कारण वे उसके झांसे में आ गए। इसी दौरान उसने यात्रियों से किराया वसूला और खुद को अधिकृत एजेंट बताकर भरोसा दिलाया।
चालक ने लगाए 8000 रुपये चोरी करने के आरोप
मैक्स चालक ने आरोप लगाया कि कथित ट्रैवल एजेंट ने वाहन में रखे पैसे वाले रैक से करीब 8000 रुपये भी निकाल लिए। जब चालक वापस लौटा तो उसे पूरे मामले की जानकारी हुई। इसके बाद आसपास के व्यापारियों और परिवहन संगठनों को घटना की सूचना दी गई। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय व्यापार संघ और परिवहन संगठन के पदाधिकारी मौके पर पहुंचे और आरोपित युवक की तलाश शुरू की गई।
व्यापारियों और परिवहन संगठनों ने जताई नाराजगी
कुछ देर बाद चालक और व्यापारियों ने आरोपित युवक को ढूंढ निकाला। इस घटना के बाद परिवहन संगठनों ने प्रशासन पर नाराजगी जताई।व्यापारियों और वाहन संचालकों का कहना है कि ऋषिकेश में हर दूसरे दिन फर्जी ट्रैवल एजेंट और अवैध वाहन तीर्थ यात्रियों को ठग रहे हैं। उनका आरोप है कि पुलिस और परिवहन विभाग इन गतिविधियों पर अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं से देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के बीच देवभूमि उत्तराखंड की छवि खराब हो रही है। चारधाम यात्रा जैसे महत्वपूर्ण धार्मिक आयोजन के दौरान यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
परिवहन विभाग ने शुरू की जांच
इस मामले में रश्मि पंत ने बताया कि घटना की सूचना विभाग को मिल गई है। पूछताछ के दौरान आरोपित युवक किसी प्रकार का वैध ट्रैवल एजेंट लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर पाया। उन्होंने बताया कि युवक ने दावा किया है कि वह एक ट्रैवल एजेंसी के लिए काम करता है। अब संबंधित ट्रैवल एजेंसी के संचालक से भी पूछताछ की जाएगी। एआरटीओ ने स्पष्ट किया कि यदि जांच में संबंधित एजेंसी की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
चारधाम यात्रा में बढ़ रही फर्जी एजेंटों की सक्रियता
चारधाम यात्रा सीजन शुरू होते ही उत्तराखंड के प्रमुख तीर्थ स्थलों में यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ रही है। इसी भीड़ का फायदा उठाकर कई फर्जी ट्रैवल एजेंट सक्रिय हो जाते हैं, जो श्रद्धालुओं से अधिक किराया वसूलने, गलत जानकारी देने और ठगी करने जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यात्रा सीजन के दौरान प्रशासन को ट्रैवल एजेंसियों, टैक्सी ऑपरेटरों और वाहन चालकों की सघन जांच करनी चाहिए ताकि यात्रियों को किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।
यात्रियों से सतर्क रहने की अपील
स्थानीय प्रशासन और परिवहन विभाग की ओर से यात्रियों को केवल पंजीकृत ट्रैवल एजेंसियों और अधिकृत वाहनों का ही उपयोग करने की सलाह दी जा रही है। अधिकारियों ने कहा है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत पुलिस या परिवहन विभाग को सूचना दें।
चारधाम यात्रा में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु उत्तराखंड पहुंचते हैं। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा और भरोसा बनाए रखना प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
Watch Video
Watch the full video for more details on this story.











