वेब स्टोरी

कोरोना वायरस से भी खतरनाक है यह नई बीमारी, दुनियाभर में तेजी से बढ़ रहे मामले, जाने लक्षण

कोरोना वायरस की भयावह यादें अभी लोगों के जहन से पूरी तरह नहीं गई हैं, और इसी बीच एक नई बीमारी ने वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ा दी है। अमेरिका में तेजी से फैल रही इस बीमारी को सबक्लेड K नाम दिया गया है, जिसे कोरोना से भी अधिक खतरनाक बताया जा रहा है। फ्लू के मौसम में इसका असर और गंभीर होता नजर आ रहा है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, यह बीमारी इन्फ्लूएंजा A के H3N2 वायरस के बदले हुए स्वरूप से जुड़ी है। हालांकि मौजूदा फ्लू वैक्सीन से कुछ हद तक बचाव संभव है, लेकिन संक्रमण की रफ्तार को देखते हुए अस्पतालों में मरीजों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। खासतौर पर बुजुर्गों और कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों के लिए यह खतरे की घंटी है।

डॉक्टरों का कहना है कि अमेरिका में इस नए स्ट्रेन की वजह से गंभीर स्तर का प्रकोप देखने को मिल रहा है, जिससे आने वाले सर्दियों के मौसम को लेकर चिंताएं और बढ़ गई हैं। विशेषज्ञों के मुताबिक, सबक्लेड K वेरिएंट पहले ही कई देशों में फैल चुका है और विभिन्न जगहों पर इसके मामलों में इजाफा हो रहा है।

थैंक्सगिविंग की छुट्टियों के बाद बुखार, खांसी और गले में खराश जैसे लक्षणों के साथ डॉक्टरों के पास पहुंचने वाले मरीजों का अनुपात बढ़कर 3.2 प्रतिशत तक पहुंच गया है। अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (CDC) ने इस संक्रमण की पुष्टि की है। CDC के अनुसार, देश के 14 सार्वजनिक स्वास्थ्य क्षेत्रों में फ्लू की गतिविधि मध्यम से उच्च स्तर पर है। इनमें न्यूयॉर्क सिटी, न्यू जर्सी, कनेक्टिकट, लुइसियाना, कोलोराडो, मैसाचुसेट्स और रोड आइलैंड शामिल हैं। इसके अलावा जॉर्जिया, साउथ कैरोलिना, टेक्सास, प्यूर्टो रिको और इडाहो जैसे राज्यों में भी मामलों में बढ़ोतरी देखी जा रही है।

कोरोना जैसी दिखने वाली इस बीमारी के शुरुआती लक्षण भी काफी हद तक समान हैं। इनमें तेज बुखार, गंभीर खांसी, गले में खराश, शरीर और मांसपेशियों में दर्द, अत्यधिक थकान, पेट से जुड़ी समस्याएं, सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द और कभी-कभी भ्रम की स्थिति शामिल है। सबक्लेड K फ्लू वेरिएंट को इसकी संक्रामक प्रकृति के कारण “सुपर फ्लू” भी कहा जा रहा है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, H3N2 फ्लू के अन्य प्रकारों की तुलना में कम देखने को मिलता है। CDC के अनुसार, इन्फ्लूएंजा वायरस के चार प्रकार होते हैं—A, B, C और D—जिनमें से A और B हर साल सर्दियों में मौसमी फ्लू का कारण बनते हैं। सबक्लेड K से जुड़े H3N2 स्ट्रेन में अब तक सात नए उत्परिवर्तन पाए गए हैं।

डॉक्टरों ने बताया कि इस नए वायरस की पहचान सबसे पहले जून महीने में यूरोप में हुई थी, जब वैज्ञानिक इस साल के फ्लू वैक्सीन में शामिल किए जाने वाले स्ट्रेन का चयन कर रहे थे। विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा वैक्सीन से बनी प्रतिरक्षा इस नए सबक्लेड K H3N2 वायरस को पूरी तरह पहचानने में सक्षम नहीं हो सकती।

हालांकि विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि यह वायरस अचानक बेहद घातक नहीं हुआ है, लेकिन गंभीर मामलों का छोटा प्रतिशत भी जब बड़ी संख्या में सामने आता है, तो इसका कुल प्रभाव ज्यादा महसूस होता है। इसी बीच अमेरिका में इस फ्लू सीजन में एक बच्चे की मौत की भी पुष्टि हुई है।

सबक्लेड K सामान्य समय से पहले और तेजी से फैल रहा है, जबकि इस समय लोगों में इसके खिलाफ प्रतिरक्षा अपेक्षाकृत कम है।

सबक्लेड K फ्लू वेरिएंट के लक्षण क्या हैं?

डॉक्टरों के अनुसार, यह नया वेरिएंट सामान्य फ्लू जैसे ही लक्षण दिखाता है। सबसे अधिक जोखिम में बुजुर्ग, छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और पहले से गंभीर बीमारियों या कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली वाले लोग हैं। हालांकि बच्चे संक्रमण फैलाने में अहम भूमिका निभा सकते हैं, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि माता-पिता को घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि सतर्कता और सावधानी बरतना जरूरी है।

Watch Video

Watch the full video for more details on this story.

You Might Also Like

Facebook Feed