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वृद्धों की कोरोना से सुरक्षा के लिए भोपाल में वृद्धजन सुरक्षा अभियान शुरू | Nation One
भोपाल : कोरोना के संक्रमण के संभावित खतरे से बुजुर्गों की सुरक्षा के लिये जिला प्रशासन द्वारा मिशन वृद्धजन सुरक्षा अभियान शुरु किया गया है। प्रदेश भर में कोरोना से निपटने जिले में अपनाई जा रही आक्रामक रणनीति के तहत प्रारम्भ किये जाने वाले अपनी तरह के अनूठे इस अभियान में स्वास्थ्य तथा महिला बाल विकास विभाग के मैदानी अमले के सहयोग से 50 वर्ष से अधिक आयु के हाई ब्लडप्रेशर, डायबिटीज, श्वसन रोग, ह्रदय रोग, किडनी सबंधी रोग अथवा अन्य गम्भीर बीमारियों से पीडि़त व्यक्तियों का चिन्हीकरण किया जायेगा तथा इनका डाटाबेस तैयार किया जायेगा। इससे वृद्धजनों के उपचार और देखभाल में मदद मिलेगी।
अभियान के तहत चिन्हित गंभीर बीमारियों से पीड़ित वृद्धजनों को कोरोना संक्रमण के लिहाज से हाई रिस्क की श्रेणी में शामिल मानते हुये उनके स्वास्थ्य की लगातार मॉनिटरिंग और काउंसलिंग की जायेगी तथा कोरोना के लक्षण पाये जाने पर उनके सेम्पल भी लिये जायेंगे।
बुजुर्गों को कोरोना के संक्रमण से बचाने “वृद्धजन सुरक्षा अभियान” को प्रारम्भ करने की पहल कलेक्टर अविनाश लवानिया द्वारा की गई है। लवानिया ने बताया कि वर्तमान में जो ट्रेंड दिखाई दे रहा है उसके मुताबिक कोरोना वायरस के सर्वाधिक शिकार बुजुर्ग ही बन रहे हैं। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने भी ठण्ड बढऩे के साथ-साथ बुजुर्ग और कोमोरबिडिटी वाले कोरोना मरीजों की संख्या बढऩे की संभावना बताई है।
अविनाश लवानिया ने बताया कि विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा जताई गई इस आशंका के मद्देनजर ही जिला प्रशासन ने प्रो-एक्टिव अप्रोच को अपनाकर बुजुर्गों और कोमोरबिडिटी से पीडि़त व्यक्तियों की सुरक्षा को लेकर यह अभियान प्रारम्भ किया है। वृद्धजन सुरक्षा अभियान का उद्देश्य मरीज का प्रारंभिक स्तर पर चिन्हीकरण कर जल्दी उपचार शुरू करना और काउंसिलिंग मुहैया कराना है। ताकि उन्हे बीमारी के गंभीर स्थिति में पहुंचने के संभावित खतरे से बचाया जा सके।
कलेक्टर लवानिया ने बताया कि अभियान के तहत बजुर्गो और कोमोरबिडिटी वाले व्यक्तियों को चिन्हित करने के अलावा सरकारी और निजी अस्पतालों में पिछले एक साल के दौरान गम्भीर बीमारियों का उपचार कराने आये 50 वर्ष से अधिक आयु के व्यक्तियों की सूची संकलित की जा रही है। इन मरीजों का भी डेटाबेस तैयार किया जायेगा तथा जिला स्तरीय कोरोना कन्ट्रोल एण्ड कमांड सेंटर से उनके स्वास्थ्य पर निगरानी रखी जायेगी। कोरोना से बचने के उपायों और बरती जाने वाली सावधानियों से भी उन्हें लगातार अवगत कराया जायेगा।
लवानिया ने बताया कि वृद्धजन सुरक्षा अभियान में रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से समुदाय, स्वयं सेवी एवं गैर सरकारी संगठनों की भागीदारी भी सुनिश्चित करने के प्रयास किये जायेंगे। उन्होंने बताया कि कुल मिलाकर वृद्धजन सुरक्षा के दिनों में कोरोना वायरस के संक्रमण को फैलने से रोकने अपनाई जाने वाली आक्रामक रणनीति का हिस्सा होगा। कलेक्टर ने बताया कि वृद्धजन सुरक्षा अभियान जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्र में एक साथ चलाया जायेगा।