सीईओ और पूर्व रावल के खिलाफ मुकदमा

देहरादून


श्रीबदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह और बदरीनाथ धाम के भूतपूर्व रावल विष्णु नंबूदरी के खिलाफ छेड़छाड़ समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ है। मुकदमा दर्ज कराने वाली महिला का आरोप है कि उसके परिवार के लोगों को गायब कराया गया है और उसकी संपत्ति को हड़पने की कोशिश की जा रही है। उसने दोनों पर षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप लगाया है। मीडिया रिपोर्ट में चमोली की एसपी तृप्ति भट्ट के हवाले से कहा गया है कि मामला अलग-अलग समय का है। महाराष्ट्र निवासी महिला ने मंदिर समिति के सीईओ बीडी सिंह और पूर्व रावल विष्णु नंबूदरी के खिलाफ कई आरोप लगाते हुए तहरीर दी थी। आरोप गंभीर हैं। इस पर बदरीनाथ थाने में मुकदमा दर्ज किया जा चुका है। महिला के आरोपों से संबंधित घटनाएं अलग-अलग समय की हैं, लेकिन सीईओ के खिलाफ छेड़छाड़ और धमकी संबंधी आरोप पिछले महीने जून का है। दोनों पर समान रूप से षड्यंत्र में शामिल होने का भी आरोप महिला ने लगाया है। पूरे मामले की जांच थाना प्रभारी बदरीनाथ को सौंपी गई है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई होगी।’ क

वहीं मीडिया रिपोर्ट में मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह का पक्ष दिया गया है। जिसमें उन्होंने महिला के आरोपों को पूरी तरह बेबुनियाद बताया है। उनका कहना है कि उक्त महिला अभी कुछ दिन पहले मेरे पास आई थी और कहने लगी कि रावल से पूजा क्यों कराई जाती है। इनसे पूजा न कराई जाए, क्योंकि ये लोग ठीक नहीं है। महिला का कहना था कि भूतपूर्व रावल ने मेरे साथ छेड़छाड़ की थी। जब मैने महिला को कहा कि इतने साल बाद अब वह यह बात क्यों उठा रही है, तो वह मुझसे ही अभद्रता करने लगी। महिला के मुझ पर लगाए गए आरोप पूरी तरह गलत और बेबुनियाद हैं। मैं उक्त महिला को जानता तक नहीं हूं।’

भू-बैकुंठधाम श्रीबदरीनाथ से जुड़े दोनों प्रमुख लोगों पर गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज होने के बाद से सामाजिक-राजनैतिक और धार्मिक क्षेत्रों में सनसनी फैल गई है। बताया जाता है कि विष्णु नंबूदरी 1994 तक बदरीनाथ धाम के रावल थे, जबकि बीडी सिंह वर्तमान में मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी हैं। हाल ही में मूलरूप से महाराष्ट्र निवासी 64 वर्षीय महिला ने बदरीनाथ थाने में मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी और भूतपूर्व रावल के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। थाने में दी गई शिकायत में महिला ने आरोप लगाया कि 1980 से 1994 के दौरान वह हर वर्ष बदरीनाथ धाम दर्शनों के लिए आती थीं। इस दौरान विष्णु नंबूदरी वहां के रावल थे। महिला का आरोप है कि इस दौरान तत्कालीन रावल उसके पीछे पड़ गए और शादी की जिद करने लगे। महिला का आरोप है कि तत्कालीन रावल ने शादी करने और उसकी प्रॉपर्टी अपने नाम करने की जिद पकड़ ली, जिसे उसने पूरी तरह नकार दिया। विष्णु नंबूदरी उसके पीछे महाराष्ट्र तक भी आ गए।
महिला का आरोप है कि वर्ष-2014 में उसके परिवार के लोग बदरीनाथ धाम आए थे, जिन्हें गायब करा दिया गया। उसने पूरे षड्यंत्र में भूतपूर्व रावल के साथ ही मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह के भी संलिप्त होने का आरोप लगाया है। महिला का आरोप है कि हाल ही में जब वह इस मामले में बीडी सिंह के पास शिकायत लेकर पहुंची तो उन्होंने छेड़छाड़ की और धमकी देकर भगा दिया। इसके बाद वह बदरीनाथ थाने पहुंची और रिपोर्ट दर्ज कराई।
उधर, मीडिया रिपोर्ट में बदरीनाथ प्रभारी दीपक रावत के हवाले से बताया गया कि महिला ने मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी सिंह और भूतपूर्व रावल विष्णु के खिलाफ एक ही तहरीर दी है। तहरीर के आधार पर दोनों के खिलाफ छेड़छाड़, महिला के परिवार के लोगों को गायब कराने, प्रॉपर्टी हड़पने का षड्यंत्र और धमकी देने संबंधी धाराओं में मुकदमा कायम किया गया है। महिला से आरंभिक पूछताछ की गई है। मामले की जांच जारी है।

 

 

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