उत्तराखंड में मौसम का बदला मिजाज: मैदानी क्षेत्रों में कोहरा, पहाड़ों में कड़ाके की ठंड से जनजीवन प्रभावित
देहरादून समेत छह जिलों में घने कोहरे की चेतावनी, गंगोत्री में माइनस 12 डिग्री तक पहुंचा तापमान
देहरादून - उत्तराखंड में मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। प्रदेश के मैदानी इलाकों में घना कोहरा छाए रहने से शीत दिवस जैसी परिस्थितियां बन गई हैं। मौसम विज्ञान केंद्र ने देहरादून, हरिद्वार, ऊधमसिंह नगर, नैनीताल, चंपावत और पौड़ी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
पहाड़ी क्षेत्रों में हाल ही में हुई हल्की बर्फबारी का असर अब मैदानी इलाकों तक पहुंच गया है। ठंडी हवाओं और कोहरे के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है, जिससे ठंड का प्रकोप बढ़ गया है। सुबह के समय कई स्थानों पर दृश्यता बेहद कम रही, जिससे सड़क यातायात भी प्रभावित हुआ।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण प्रदेश के मौसम में यह बदलाव देखने को मिल रहा है। आने वाले दिनों में ठंड और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
वहीं, गंगोत्री धाम क्षेत्र में अभी तक ताजा बर्फबारी नहीं हुई है, लेकिन भीषण ठंड ने जनजीवन को जकड़ लिया है। यहां तापमान शून्य से नीचे पहुंचकर माइनस 11 से 12 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा रहा है। कड़ाके की ठंड के चलते छोटी-बड़ी नदियां और जलधाराएं जम गई हैं।
भागीरथी नदी में पानी का बहाव बेहद कम हो गया है, जबकि केदार गंगा, ऋषिकुर नाला, पागल नाला और चीड़बासा नाला पूरी तरह बर्फ की चपेट में हैं। गंगोत्री में पेयजल की व्यवस्था बर्फ को आग से पिघलाकर की जा रही है।
कठिन मौसम के बावजूद गंगोत्री धाम में करीब 25 साधु-संत तपस्या में लीन हैं, जो विषम परिस्थितियों में भी आस्था और साधना की मिसाल पेश कर रहे हैं।
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