तेज रफ्तार डंपर पुल तोड़कर रेलवे ट्रैक पर गिरा, ओएचई लाइन क्षतिग्रस्त; यात्रियों में मची अफरातफरी
बाराबंकी- बाराबंकी जिले में बुधवार देर रात एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। रामनगर से फतेहपुर मार्ग पर अगानपुर गांव के नजदीक मौरंग से भरा एक डंपर बेकाबू होकर पुल की रेलिंग तोड़ते हुए लगभग 30 फीट नीचे रेलवे लाइन पर जा गिरा। हादसा इतना अचानक हुआ कि आसपास जोरदार धमाके की आवाज गूंज उठी।
उसी समय दूसरी ट्रैक से गुजर रही गरीब रथ एक्सप्रेस के लोको पायलट ने खतरे को भांपते हुए तुरंत इमरजेंसी ब्रेक लगा दिए और ट्रेन को समय रहते रोक लिया। लाइन पर गिरे डंपर की वजह से ओवरहेड बिजली तारें टूट गईं, जिससे बुढ़वल-गोंडा रेलखंड पर ट्रेनों की आवाजाही तत्काल प्रभाव से बंद करनी पड़ी।
लगभग 45 मिनट की मशक्कत के बाद डंपर में फंसे चालक को काटकर बाहर निकाला गया और गंभीर हालत में अस्पताल भेजा गया। उसकी पहचान करनैलगंज (गोंडा) के मनिहारी गांव निवासी पंकज कुमार के रूप में हुई है।
सीओ गरिमा पंत के अनुसार रात करीब 9:12 बजे तेज रफ्तार डंपर फतेहपुर की दिशा से आ रहा था और दुर्घटनाग्रस्त होकर अमृतसर-बिहार रूट पर जा रही गरीब रथ एक्सप्रेस की विपरीत लाइन पर गिर पड़ा। टक्कर से ट्रेन हिल गई, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई। कई यात्री अनहोनी की आशंका से ट्रेन से कूदकर बाहर की ओर भागे। हालांकि ट्रैक पर डंपर देख उन्हें राहत भी मिली कि टक्कर ट्रेन से नहीं हुई थी।
रेलवे कर्मचारियों ने बताया कि ओएचई लाइन टूटने से पूरा सेक्शन प्रभावित हो गया, जबकि बुढ़वल जंक्शन कई महत्वपूर्ण रूटों का संगम है—सीतापुर लाइन, गोरखपुर-बिहार मेन लाइन और बाराबंकी-लखनऊ रूट यहीं से गुजरते हैं। इस पटरी पर रोजाना 150 से अधिक ट्रेनें चलती हैं, इसलिए तत्काल कई ट्रेनों को रोकना पड़ा और कई का रूट बदला गया। सीतापुर मार्ग की ट्रेनें सबसे ज्यादा प्रभावित रहीं।
यात्रियों और स्थानीय लोगों ने बताया कि हादसे के बाद दृश्य बेहद भयावह था। सहरसा (बिहार) के पिंटू ने कहा कि अचानक तेज धमाका हुआ और ऊपर से चिंगारियां गिरने लगीं। “हम दरवाजे पर थे, आवाज इतनी तेज थी कि लगा कुछ बड़ा हादसा हो गया,” उन्होंने बताया।
पास में काम करने वाले मज़दूर जमालुद्दीन ने कहा कि यदि उसी लाइन पर कोई ट्रेन होती, तो बड़ा हादसा तय था। अगल-बगल के दुकानदारों ने भी बताया कि पहले पुल की रेलिंग टूटने की आवाज आई, फिर जोरदार धमाका हुआ और नीचे देखा तो डंपर उलटा ट्रैक पर पड़ा था।
यात्रियों ने बताया कि ओवरहेड वायर टूटने और चिंगारियां गिरने से माहौल में घबराहट फैल गई। कई लोग बच्चे और सामान लेकर भागने लगे। कुछ लोग तो डर के मारे हनुमान चालीसा पढ़ने लगे। राहत तब मिली जब रेलवे और पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू किया।
रेलवे विभाग की तकनीकी टीमें देर रात तक ओएचई लाइन दुरुस्त करने में जुटी रहीं।
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