बुधवार को दनकौर बाइपास के निकट आग लगने से ऊंची दनकौर के रहने वाले तीन किसानों की करीब तीस बीघा गेहूं की फसल जलकर स्वाहा हो गई। पीड़ित किसानों ने लोगों की मदद से आग पर काबू पाया। आरोप है सूचना देने के बाद भी दमकल विभाग की गाड़ी मौके पर नहीं पहुंची और किसानों की पूरे वर्ष की मेहनत पर पानी फिर गया। आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका है। ऊंची दनकौर के रहने वाले धनीराम नागर, जगमाल व सुंदर नागर की दनकौर बाइपास के नजदीक करीब तीस बीघा गेहूं की फसल पक कर तैयार खड़ी थी।
बुधवार दोपहर अचानक खेतों में आग लगने की जानकारी मिलते ही पीड़ित किसान व परिजन में कोहराम मच गया। आनन-फानन में किसान व परिजन खेतों पर पहुंचे। किसानों ने दमकल विभाग को आग की सूचना देने के बाद आग बुझाने का प्रयास किया। आग की लपटे देख आसपास के किसान व राहगीरों ने आग पर काबू पाने का प्रयास किया लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। आरोप है कि सूचना के बाद घंटों तक मौके पर दमकल विभाग की गाड़ी नहीं पहुंची, तब तक किसान बर्बाद हो चुके थे। दनकौर पुलिस का कहना है कि इस संबंध में कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत के बाद जांच की जाएगी।
विधायक ने किसानों को दी सांत्वना
संस, दादरी में चार दिन पहले दादरी के जारचा क्षेत्र के दादोपुर गांव में बिजली के जर्जर तारों से लगी आग से कई किसानों की गेहूं की फसल बर्बाद हो गई थी। बुधवार को दादरी के विधायक तेजपाल नागर ने पीड़ित किसानों के घर पहुंचकर मुलाकात की और सरकार की तरफ से उचित मुआवजा दिलाने का आश्वासन दिया। इस मौके पर उनके साथ जिला सहकारी समिति के चेयरमैन ममता राणा भी मौजूद रहीं।