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वाराणसी में 10 करोड़ की लोन ठगी का भंडाफोड़, दो सगे भाई गिरफ्तार

लुभावने ऑफर के नाम पर की करोड़ों की ठगी, पुलिसकर्मी हुए शिकार

वाराणसी। वाराणसी में बड़े पैमाने पर फर्जी लोन स्कीम चलाकर लोगों को करोड़ों रुपये का चूना लगाने का मामला सामने आया है। आसान लोन, आधी किश्त खुद जमा करने और तेजी से रकम उपलब्ध कराने जैसे लालच देकर दो सगे भाइयों ने 100 से अधिक लोगों को ठगी का शिकार बनाया। हैरानी की बात यह है कि धोखाधड़ी का सबसे अधिक असर पुलिस विभाग पर पड़ा है, जहां सिपाही से लेकर सीओ रैंक के अधिकारी तक इनके जाल में उलझ गए।

कैंट पुलिस ने अशोक विहार कॉलोनी निवासी दो भाइयों — दीपक गुप्ता और गौरव गुप्ता — को गिरफ्तार किया है। जांच डीसीपी क्राइम की निगरानी में आगे बढ़ाई जा रही है। दोनों पर पहले भी कैंट और कोतवाली थानों में ठगी के केस दर्ज हो चुके हैं।

चार साल पहले दोनों ने सारनाथ के सारंगतालाब क्षेत्र में एक कार्यालय खोला था। यहां से वे छोटे कारोबारियों और सरकारी कर्मचारियों को तरह-तरह के ऑफर देकर लोन दिलाने का लालच देते थे। शुरूआती महीनों में कुछ लोगों की किश्तें चुकाकर और फायदा दिखाकर उन्होंने विश्वसनीयता बनाई। इसके बाद "लोन की आधी रकम हम भरेंगे" जैसी स्कीम चलाकर कई पुलिसकर्मियों, व्यापारियों और आढ़तियों तक को निवेश के लिए तैयार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, शुरुआती छह महीनों तक किश्तें जमा होती रहीं, लेकिन अचानक दोनों भाइयों ने भुगतान करना बंद कर दिया। जब बैंकों और फाइनेंस कंपनियों ने लोन धारकों पर दबाव बनाना शुरू किया, तब पता चला कि आरोपी बड़ी रकम लेकर फरार हो चुके हैं। कई पुलिसकर्मी बदनामी के डर से अब तक शिकायत दर्ज नहीं करा रहे।

अनुमान है कि दोनों भाइयों ने बिना ज्यादा औपचारिकताओं के एक ही दिन में 5 से 25 लाख रुपये तक के लोन दिलवाकर, आधी किश्त खुद भरने का झांसा देकर 10 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी की है। छोटे व्यापारी, आढ़ती और अन्य लोग भी इस धोखाधड़ी के शिकारों में शामिल हैं।

डीसीपी क्राइम सरवणन टी. ने बताया कि दो एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और जैसे-जैसे और पीड़ित सामने आएंगे, आरोपियों और उनके सहयोगियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

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